13.4.10

पानी की कहानी ।।।



पानी की कहानी ।।।

ये बेरंग सा दिखने वाला पारदर्शी तत्व
पीने का पानी कहलाता है।
पानी रे पानी तेरा रंग कैसा
पानी रे पानी तेरा ढंग कैसा।
ये पानी भी कितना अजीब है
कभी कहीं निशुल्क मिलता है
तो कहीं पर पैसों का।।
लेकिन बचपन से सुना है-
अनमोल चीज़ों का कोई मोल नहीं।
फिर यहां तो तोल भी है
और इस अनमोल चीज़ का मोल भी।
कहीं रेहड़ी पर 50 पैसे गिलास पीने का पानी
जिसे Drinking Water भी कहते हैं
और हां इस पानी से प्यास भी बुझती है।
तो कहीं Drinking Water की एक लीटर
बोतल की कीमत करीबन 10रू से 15 रू तक।
और ये पानी भी प्यास बुझाता है।
लेकिन एक और पानी है जो थोड़ा सा अलग है
लेकिन हम उसे पी सकते हैं।
और वो है Mineral Water…
उसकी क़ीमत बाकि सभी पानी से अलग है।
और ये पानी तकरीबन 30 से 40 रू में 1 लीटर मिलता है।

क्या ये पानी भी प्यास बुझाता है ?
अगर हां तो फिर ठीक है,
और अगर नहीं तो फिर--
जिनकी प्यास है बड़ी उनके लिए क्या ?
इस Mineral Water से प्यास बुझे ना बुझे,
पर जेब में आग तो ज़रूर लग जाएगी.....
समाज तो पहले से ही तीन वर्गों में विभाजित था,
सो अब अनमोल पानी भी बंट गया
वो भी तीन वर्गों में।।
तभी तो कहते हैं,,,
पानी रे पानी तेरा रंग कैसा
पानी रे पानी तेरा ढंग कैसा।।

1 comment:

Ishika said...

hello tumara blog pada kafi accha likha lete ho. pani par bhi accha describe kiya hai. gud going