29.3.10

मौत ।।।



मौत का ये सच
कोई नहीं पाता इससे बच
विधि का ये फरमान
कितनी अजीब है...
ये उसकी दास्तान ।।।

बचपन से जवानी तक का खेल
पर एक ना एक दिन,
हर कोई होता है फेल,
क्यों इतना बेरहम बन जाता है...
विधि का विधान,
ये तो हैं उसके रोज़मर्रा के काम ।।

आने पर खुशी---जाने पर दुख:
क्यों दे जाता है वो एक शख्स ?
करीब क्यों बनता है वो...
कि अब हर किसी में दिखता है
उसी का अक्स।।

शायद ये भारी दौर नहीं होगा कल,
पर ज़िन्दगी तो ढहर सी गई है इसी पल,
तन्हाई की परछाई है आज साथ,
क्यों लम्बी हो गई है,
और दिनों से ज़्यादा लम्बी,
आज की ये काली रात।

ना कोई संग है ना कोई साथ,
कहां पर ढ़ूंढ़ू उस शख्स को ?
जिसने छोड़ा मेरा साथ,
मौत का ये गोरखधंधा,
क्यों करता है यमराज ?
किसी की ज़िन्दगी लेता है कल,
तो किसी की आज ।।।

25.3.10

धुंधली राह



ज़िन्दगी का मोड़ है कितना अजीब,
चौराहे पर खड़े हैं
मिलता नहीं नसीब...
राहें हैं कई और नई सारी,
किस पर मिलेगी जीत की क्यारी,
बचपन में ही थी ज़िन्दगी प्यारी,
जहां कुछ नहीं पता था,
बस थी तो सिर्फ ख़ुमारी...
सयाने भए, आई Tention की बारी,
अब तो दिखती है बस कांटों की क्यारी,
दिखता दूर तक...
रेगिस्तानं सा जहां है,
इस धूल की भीड़ में कौन कहां है।
जीत की कौड़ी लगती दूर है,
सपने सारे कांच से चूर-चूर हैं
भविष्य तो लगता है-
रेत में सूंई ढूंढ़ने के बराबर ?

याद



कभी अपना कभी पराया सा अहसास देती हो
एक पल को आती फिर दूर चली जाती
धुंधली सी प्यास देती हो...
मीठी हैं बातें तुम्हारी
हर बात खुश होकर कहती हो
तन सांवल मन सच्चा
दिल से बिल्कुल बच्ची हो
तभी तो एक भुट्टे के लिए
कितनी जुझारू दिखती हो
मिलने का मन, तड़प और बेक़रारी है
हां पूनम ये सारी तुम्हारी ख़ुमारी है

3.3.10

My Name is Khan.



My Name is Khan.

ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है

ज़िन्दगी को हर पल
जीने का नया नाम है
ईमान का कोई धर्म नहीं
यही बात महान है
नीयत है जिसकी नेक
वही सच्चा इंसान है
अपने रास्ते खुद बनाए
वो एक इंसान है
पहचान की लड़ाई का
ये नया ऐलान है
जीतता सिर्फ वही है
जिसमें बाकि मान है
ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है।।


हर पल प्यार बांटना
ये उसकी शान है
इंसान सिर्फ दो किस्म के
ये उसका ज्ञान है
मान-सम्मान की राजनीति से
वो कितना महान है
मुंम्बई में जिसका मान नहीं
पर विश्व में उसका सम्मान है
वाह ख़ान कितना बड़ा है तू
कैसा तेरा आत्मसम्मान है
ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है।।।