
My Name is Khan.
ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है
ज़िन्दगी को हर पल
जीने का नया नाम है
ईमान का कोई धर्म नहीं
यही बात महान है
नीयत है जिसकी नेक
वही सच्चा इंसान है
अपने रास्ते खुद बनाए
वो एक इंसान है
पहचान की लड़ाई का
ये नया ऐलान है
जीतता सिर्फ वही है
जिसमें बाकि मान है
ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है।।
हर पल प्यार बांटना
ये उसकी शान है
इंसान सिर्फ दो किस्म के
ये उसका ज्ञान है
मान-सम्मान की राजनीति से
वो कितना महान है
मुंम्बई में जिसका मान नहीं
पर विश्व में उसका सम्मान है
वाह ख़ान कितना बड़ा है तू
कैसा तेरा आत्मसम्मान है
ख़ान सिर्फ नाम नहीं
वो एक पहचान है।।।
1 comment:
सच है कि शाहरुख बड़ी शख्सियत हैं। शालीन हैं और विवादों से दूर रहने की भी कोशिश करते हैं। लेकिन मातोश्री के शेरों से विवाद के उठने और गिरने का समय कुछ ऐसा रहा कि उन्हें शक के दायरे में खड़ा कर दिया। हक़ीक़त ख़ुद उन्हें पता होगी। सच है कि शाहरुख इंडसिट्री में बदलाव का दौर लाए। नेगेटिव शेड एंटी हीरो के किरदारों से शुरुआत करने वाले खान ने 90 के दशक में खुले बाज़ार यानी उदारवाद के दौर में पश्चिमी रहन-सहन को भारतीय संस्कृति में घोल दिया। इसलिए उन्हें बदलाव का साइन माना जाता है, लेकिन आपके लिए एक सलाह है कि व्यक्तिपरक कविताओं से बचिए और कुछ ऑब्जेक्टिव लिखिए। कविमना अगर किसी व्यक्ति विशेष को महिमामंडित करे तो इस विधा को चारण मान लिया जाता है। बेहतर होगा अगर आप कुछ ऑब्जेक्टिव लिखें। क्योंकि कविता में तथ्य (Fact)सेकेंडरी होते हैं। इसलिए व्यक्तिपरक लिखने से बचें।
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