25.3.10

याद



कभी अपना कभी पराया सा अहसास देती हो
एक पल को आती फिर दूर चली जाती
धुंधली सी प्यास देती हो...
मीठी हैं बातें तुम्हारी
हर बात खुश होकर कहती हो
तन सांवल मन सच्चा
दिल से बिल्कुल बच्ची हो
तभी तो एक भुट्टे के लिए
कितनी जुझारू दिखती हो
मिलने का मन, तड़प और बेक़रारी है
हां पूनम ये सारी तुम्हारी ख़ुमारी है

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