
अपने हिस्से की खुशी तो सबको प्यारी है
जीवन में नेक काम करने की अब किसकी बारी है
अपने हिस्से की धूप और अपने हिस्से की छांव हो
तमन्नाएं हो पूरी बस यही भाव हो
बेघर को घर बूढ़े को सहारा पाना है
लेकिन अभी बच्चों को तो नया सपना दिलाना है
नीयत नेक है और है हौंसला भी
ज़मीर अभी ज़िन्दा है वो नहीं गिरा अभी
कटी धारा को जोड़ा जिसने
सपनों को इतने पंख दिए
काम किए बस काम किए हैं
बस यूं ही आज़ाद हुए
आज़ाद न्यूज़ सबकी आवाज़ ।।
2 comments:
अपने हिस्से की धूप और अपने हिस्से की छांव हो
तमन्नाएं हो पूरी बस यही भाव हो
बेघर को घर बूढ़े को सहारा पाना है
लेकिन अभी बच्चों को तो नया सपना दिलाना है
bahut khoob...likhte raho
हर बात में तेरी सच्चाई है..... मन में जो छिपा वो तेरा अच्छाई है और क्या लिखू दोस्त....कहानी अभी बाकि है.......................
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